5 राज्यों के चुनाव में बीजेपी ने कितने खर्च किए पैसे, कांग्रेस से 7 गुना है ज्यादा

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विधानसभा चुनाव में हर पार्टी चुनाव जीतने के लिए पूरे धन-बल का प्रयोग करती है. जनता को प्रभावित करने के लिए नेताओं का जनता के बीच में आना-जाना होता है. पोस्टरों और विज्ञापनों के जरिए भी जनता तक पहुंचने की कोशिश होती है. ऐसे में अब बात करें पिछले दिनों हुए चुनावों की. 5 राज्यों में हुए चुनाव के दौरान बीजेपी ने कांग्रेस से सात गुना पैसे का इस्तेमाल किया है. जिसको लेकर इस समय देश में खूब चर्चा हो रही है. दरअसल, विधानसभा चुनाव चंदा और खर्च रिपोर्ट के अनुसार, असम, पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी, केरल और तमिलनाडु के विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को कांग्रेस के मुकाबले लगभग 7 गुना ज्यादा चंदा मिला। चुनाव आयोग द्वारा बुधवार को जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, 15 मार्च से 4 मई तक के चुनावी समय में भाजपा को कुल 1,472.8 करोड़ रुपए मिले, जबकि मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस को इस दौरान केवल 207.17 करोड़ रुपए ही प्राप्त हुए। हालांकि, चुनाव आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि केरल और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में भाजपा का आधिकारिक खर्च अभी पूरी तरह सामने नहीं आया है।
चुनावी अवधि के दौरान दोनों प्रमुख दलों के बैंक खातों और कुल धन में अलग-अलग प्रवृत्तियां देखने को मिलीं। 15 मार्च को चुनाव की शुरुआत में भाजपा के पास कुल 6,722.6 करोड़ रुपए मौजूद थे। इस चुनावी अवधि के दौरान भाजपा के फंड में 904.6 करोड़ रुपए का उल्लेखनीय इजाफा हुआ, जिससे 6 मई तक यह बढ़कर कुल 7,627.2 करोड़ रुपए तक पहुंच गया। इसके विपरीत, कांग्रेस के चुनावी फंड में 65.86 करोड़ रुपए की कमी दर्ज की गई। चुनावी अवधि की शुरुआत में कांग्रेस के पास करीब 169.06 करोड़ रुपए थे, जिसमें 22.9 करोड़ रुपए नकद और 146.1 करोड़ रुपए बैंक खातों में जमा थे। 6 मई तक यह रकम घटकर लगभग 103.2 करोड़ रुपए ही रह गई।
विभिन्न राज्यों में हुए खर्च की बात करें तो भाजपा ने असम, तमिलनाडु और पुडुचेरी में कुल मिलाकर लगभग 159.7 करोड़ रुपए खर्च किए। इस राशि में से करीब 130.4 करोड़ रुपए सामान्य पार्टी प्रचार पर और शेष रकम उम्मीदवारों व उससे जुड़े अन्य खर्चों पर लगाई गई। चुनाव आयोग के मुताबिक भाजपा ने असम में सबसे ज्यादा खर्च किया, जहां पार्टी ने 96.27 करोड़ रुपए (76.73 करोड़ रुपए सामान्य प्रचार और 19.54 करोड़ रुपए उम्मीदवारों पर) खर्च किए और 82 सीटों पर शानदार जीत दर्ज की, जो 2021 के विधानसभा चुनावों की तुलना में 22 सीटें अधिक हैं। तमिलनाडु में भाजपा का कुल खर्च 51.56 करोड़ रुपए रहा, जिसमें 44.51 करोड़ रुपए सामान्य प्रचार और 7.05 करोड़ रुपए उम्मीदवारों के नामांकन से जुड़ी चीजों पर खर्च हुए। तमिलनाडु में मीडिया विज्ञापनों पर करीब 23.96 करोड़ रुपए, स्टार प्रचारकों की यात्रा पर लगभग 10.04 करोड़ रुपए और प्रचार सामग्री पर करीब 5.85 करोड़ रुपए खर्च किए गए, लेकिन भारी खर्च के बावजूद पार्टी को केवल 1 सीट ही मिली। पुडुचेरी में भाजपा ने 11.90 करोड़ रुपए खर्च किए, जिसमें 9.19 करोड़ रुपए सामान्य प्रचार और 2.71 करोड़ रुपए उम्मीदवारों पर खर्च हुए। चुनाव परिणामों के अनुसार असम, बंगाल और पुडुचेरी में एनडीए ने सरकार बनाई, जबकि केरल में 'इंडिया' गठबंधन और तमिलनाडु में टीवीके तथा कांग्रेस की सरकार बनी।
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दूसरी ओर, कांग्रेस पार्टी ने पांचों राज्यों में कुल मिलाकर 248.55 करोड़ रुपए का चुनावी खर्च किया, जिसमें सामान्य पार्टी प्रचार पर 143 करोड़ रुपए और उम्मीदवारों पर 105.55 करोड़ रुपए खर्च किए गए। कांग्रेस के केंद्रीय मुख्यालय ने पांचों राज्यों में सामान्य प्रचार पर 40.52 करोड़ रुपए खर्च किए, जबकि राज्य और स्थानीय इकाइयों ने इसी मद में 102.49 करोड़ रुपए खर्च किए। कांग्रेस के सामान्य प्रचार खर्च में केरल राज्य का हिस्सा सबसे ज्यादा रहा, जहां पार्टी ने 59.28 करोड़ रुपए खर्च किए। केरल में कांग्रेस ने लेफ्ट फ्रंट को सत्ता से बेदखल किया था। इसके बाद असम में सामान्य प्रचार पर 22.62 करोड़ रुपए खर्च किए गए। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) ने साल 2024-25 के लिए पार्टियों की इनकम जारी की थी, जिसके मुताबिक भाजपा की कुल आय ₹6,769.15 करोड़ थी।
About the Author: Vivek
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