Dainik Sabse Tej Logo

दैनिक सबसे तेज़

सच्ची खबर, बेबाक नजर

राष्ट्रीय हिंदी दैनिक • स्थापना 2024

DAINIKSABSETEJ.COM
बुधवार, 23 सितंबर 2026
punjabदैनिक सबसे तेज़

सीएम भगवंत मान के काफिले पर टमाटर फेंकने का प्रयास, क्या है पूरा मामला ?

लुधियाना, पंजाब|Vivek
सीएम भगवंत मान के काफिले पर टमाटर फेंकने का प्रयास, क्या है पूरा मामला ?

📸 सांकेतिक तस्वीर | फोटो: दैनिक सबसे तेज़

पंजाब चुनाव से पहले इस समय सियासत गरमाई हुई है. सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं में एक ओर जहां अभी तक बयानबाजी जारी थी. वहीं अब ये विरोध बढ़ता जा रहा है. दरअसल, लुधियाना से एक बेहद सनसनीखेज और बड़ी राजनीतिक खबर सामने आई। जहां भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को पंजाब पुलिस ने हिरासत में ले लिया। उनके हिरासत में लिए जाने की वजह बेहद नाटकीय थी, क्योंकि वे पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के काफिले पर विरोधस्वरूप टमाटर और अंडे फेंकने की कोशिश कर रहे थे। जिसको लेकर ही वहां मौजूद पुलिस ने हिरासत में लिया और आगे की कार्रवाई अमल में लाई गई. PAU के समीप की पूरी घटना जानकारी के मुताबिक, पंजाब की आम आमदी पार्टी की ओर से लधियाना में शनिवार को एक बेहद ही बड़े कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. जिसको लेकर चारों तरफ खुब चर्चाएं हो रही थी. इसी कार्यक्रम में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान समेत कई VIP लोगों का पहुंचाना जारी थी. सभी नेता कार्यक्रम स्थल की तरफ बढ़ रहे थे और तयशुदा कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री का काफिला पंजाब खेतीबाड़ी यूनिवर्सिटी (PAU) के बाहर से गुजरने वाला था। BJP vs AAP Punjab conflict जैसे ही मुख्यमंत्री का काफिला इस इलाके के करीब पहुँचने वाला था, बीजेपी नेता रवनीत बिट्टू अपने समर्थकों के साथ वहां पहुंच गए। उनके हाथ में टमाटर और अन्य सामग्रियां थीं। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को पहले से ही इस बात की आशंका थी या सतर्कता बरती जा रही थी, इसलिए भारी पुलिस बल वहां पहले से तैनात था। पुलिस ने रवनीत बिट्टू को यूनिवर्सिटी के गेट के पास ही आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की। हालांकि, वे काफिले के बहुत ज्यादा करीब तो नहीं पहुंच पाए, लेकिन वे पीएयू गेट तक जरूर पहुँच गए थे। इसी दौरान रवनीत सिंह बिट्टू ने अपना विरोध जताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान की गाड़ी पर टमाटर फेंकने की कोशिश की। लेकिन पुलिस की मौके पर काफी सतर्कता थी जिसके चलते ही रवनीत सिंह बिट्टू को हिरासत में ले लिया गया और उन्हें अपने साथ पीएयू परिसर से दूर ले गई। क्या है इस पूरे राजनीतिक टकराव की असली जड़? इस मामले को लेकर अब देश की राजनीती में काफी चर्चाएं हो रही हैं. कई लोगों का कहना है कि बीजेपी की ओर से लुधियाना में ये घटना को अचानक से की गई घटना नहीं थी बल्कि इस घटना को पिछले दिनों हुई घटना के साथ जोड़ा जा रहा है. कहा जा रहा है कि पहले बटाला के पास रवनीत बिट्टू के अपने काफिले पर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं और वर्करों ने अंडे और टमाटर फेंके थे। बटाला में हुए उस विरोध प्रदर्शन और हमले से बिट्टू काफी आहत और गुस्से में थे। बटाला की घटना के ठीक विरोध में और उसी अंदाज में जवाब देने के लिए रवनीत बिट्टू लुधियाना पहुंचे थे। उनका साफ मकसद यही था कि जिस तरह उनके काफिले को निशाना बनाया गया, वे भी मुख्यमंत्री भगवंत मान के काफिले पर टमाटर फेंककर इसका कड़ा राजनीतिक जवाब दें। पिछले दो दिनों में पंजाब की राजनीति में इस तरह के दो बड़े टकराव सामने आ चुके हैं, जिससे साफ जाहिर होता है कि राज्य में सत्ताधारी पार्टी 'आप' और विपक्षी बीजेपी के बीच का राजनीतिक संघर्ष अब सड़कों पर खुलकर आमने-सामने आ चुका है।ये भी पढ़ें- ट्रैफिक चालान को लेकर नियम बदले, अब कटा चालान तो करें ये काम पुलिस प्रशासन और सुरक्षा पर उठे सवाल वहीं इस पूरे मामले के बाद पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं. क्योंकि एक तरफ जहां मुख्यमंत्री और देश-प्रदेश के बड़े नेता एक बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल होने आ रहे थे, वहीं दूसरी तरफ एक कद्दावर केंद्रीय पूर्व मंत्री का इस तरह विरोध प्रदर्शन करते हुए काफिले के इतने करीब तक पहुंच जाना सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हुआ। फिलहाल पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए रवनीत बिट्टू को हिरासत में ले लिया है और मामले से जुड़े तमाम पहलुओं की जांच की जा रही है। फिलहाल पंजाब में चल रहे इस तरह के विरोध आगे भी जारी रहेंगे या फिर नेता केवल बयानबाजी तक सीमित रहेंगे. ये तो आने वाले समय में पता चलेगा. लेकिन अभी राज्य के राजनीतिक हालात चिंता का विषय बने हुए हैं.

breaking

पत्नी ने पति के प्राइवेट पर काटा, फिर पति ने काट दी नाक

हरदोई, उत्तर प्रदेश|Vivek
पत्नी ने पति के प्राइवेट पर काटा, फिर पति ने काट दी नाक

पति और पत्नी के जुड़े विवाद को लेकर आपने कई खबरें सुनी होंगी. कई बार तो गुस्से में हत्या तक के भी मामले सामने आए हैं. लेकिन अब उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले से एक बेहद हैरान करने और सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ आपसी विवाद के दौरान एक पति ने अपनी ही पत्नी की नाक काट दी। जिसको लेकर अब हर तरफ चर्चा हो रही है. लोग अलग-अलग तरीके से इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं और अब पूरा मामला पुलिस तक पहुंच चुका है. जिसको लेकर पुलिस अब गंभीरता से जांच भी कर रही हैं. ताकि यह पता चल सके कि असलियत में क्या हुआ था और इस खतरनाक और जनालेवा वारदात के पीछे की असली वजह क्या थी। पत्नी के पति पर गंभीर आरोप दरअसल, हरदोई की रहने वाली पीड़िता की पहचान साधना के रूप में हुई है। साधना ने अपने पति दीपक पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। मीडिया में दिए गए बयानों के मुताबिक साधना का आरोप है कि पति के साथ हुई किसी बात को लेकर बहस और विवाद हुआ था। इस दौरान उसके पति दीपक ने गुस्से में आकर उसके सिर पर जोरदार हमला कर दिया।ये भी पढ़ें- टैक्सी में 22 मिनट बैठने पर बिल आया 9 हजार से ज्यादा बात यहीं खत्म नहीं हुई, आरोप है कि पति ने बेरहमी दिखाते हुए उसकी नाक काट दी और उसे पास की एक नाली में फेंक दिया। पीड़िता ने यह भी दावा किया है कि जब उसके साथ यह हिंसा हो रही थी, तब उसके सास और ससुर ने उसके दोनों हाथ मजबूती से पकड़ रखे थे ताकि वह अपना बचाव न कर सके। इस अमानवीय कृत्य के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों के जरिए इस बात की सूचना पुलिस तक पहुँची। क्यों शुरू हुआ था पति-पत्नी के बीच विवाद? अब इस मामले में पुलिस ने भी अपना बयान जारी किया है। पुलिस का कहना कि विवाद की जड़ एक पुराना पारिवारिक घटनाक्रम है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि साधना करीब ढाई महीने पहले अपने पति का घर छोड़कर अपने प्रेमी के साथ रहने के लिए चली गई थी। इसके बाद अचानक गुरुवार को वह अपने पड़ोसी की छत से कूदकर वापस अपने पति के घर लौट आई। साधना के इस तरह अचानक घर वापस लौटने के कारण पति-पत्नी के बीच तीखी नोकझोंक और झगड़ा शुरू हो गया। सांडी पुलिस स्टेशन के एसएचओ (SHO) पुष्पराज ने इस मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि अचानक लौटने पर हुए झगड़े ने विकराल रूप ले लिया, जिसके दौरान गुस्से में आकर दीपक ने अपनी पत्नी के साथ मारपीट की और उसकी नाक पर हमला कर उसे काट दिया। Uttar Pradesh Crime News घटना की भनक लगते ही स्थानीय पुलिस तुरंत हरकत में आई और बिना देर किए मौके पर पहुँची। पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए दोनों पक्षों के लोगों को हिरासत में लिया और थाने ले आई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पति दीपक को अपनी हिरासत में ले लिया है। घायल अवस्था में साधना को तुरंत इलाज की जरूरत थी, इसलिए पुलिस ने उसे सबसे पहले सांडी के कम्युनिटी हेल्थ सेंटर (CHC) पहुंचाया। वहाँ उसकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे तुरंत हरदोई मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया, जहाँ उसका इलाज चल रहा है। साधना पर लगे गंभीर आरोप इस मामले का एक दूसरा पहलू भी सामने आया है, जिसे दीपक के परिवार वालों ने बयान किया है। दीपक की मां (साधना की सास) ने साधना पर ही गंभीर और चौंकाने वाले आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि साधना करीब ढाई महीने पहले इलाके के ही एक युवक के साथ अपनी मर्जी से चली गई थी, जो कि दीपक का दोस्त भी था। उस वक्त भी इस घटना की सूचना पुलिस को दी गई थी, जिसके बाद दोनों पक्षों में किसी तरह समझौता हो गया था। दीपक की मां के अनुसार, साधना अचानक वापस लौटी और घर में आकर बच्चों को जबरन अपने साथ ले जाने की कोशिश करने लगी। जब इसका विरोध किया गया तो विवाद बढ़ गया। उनका यह भी दावा है कि गुस्से और खींचतान के दौरान साधना ने खुद अपने पति के प्राइवेट पार्ट्स पर काट लिया था और बाद में गुस्से में जमीन पर अपना सिर पटककर खुद को ही घायल कर दिया ताकि वह परिवार को फंसा सके। शादी के 10 साल और तीन बेटियां पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात भी सामने आई है कि साधना और दीपक की शादी को लगभग दस साल बीत चुके हैं। इन दस वर्षों में उनके तीन बच्चे (बेटियां) हैं. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में अभी तक पत्नी साधना की ओर से कोई भी औपचारिक लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है, जबकि दूसरी ओर दीपक की मां की तरफ से पुलिस में शिकायत दर्ज करा दी गई है। पुलिस दोनों पक्षों के बयानों, मेडिकल रिपोर्ट और घटनास्थल के तथ्यों को ध्यान में रखते हुए मामले की हर एंगल से निष्पक्ष जांच कर रही है ताकि सच्चाई सामने आ सके और कानून के मुताबिक उचित कार्रवाई की जा सके।

breaking

टैक्सी में 22 मिनट बैठने पर बिल आया 9 हजार से ज्यादा

नई दिल्ली|Vivek
टैक्सी में 22 मिनट बैठने पर बिल आया 9 हजार से ज्यादा

कभी-कभी किसी काम की कीमत सुनकर लोग हैरानी में आते हैं और ऐसे मामले सामने आने से लोगों की चिंता बढ़ना भी लाजमी हो जाता है. ऐसा ही एक हैरान करने वाला मामला सामने आया जहां एक कार में केवल 22 मिनट बैठने पर शख्स को 9 हजार से ज्यादा का बिल चुकाना पड़ा. दरअसल, पूरा मामला सामने आया है नोर्वे से जहां एक भारतीय यात्री के साथ ऐसा हुआ. उसने सिर्फ 22 मिनट की टैक्सी राइड के लिए 934 नॉर्वेजियन क्रोनर यानी करीब ₹9,580 का बिल चुकाया (Norway Taxi Fare Viral News). ये पूरा मामला जब सोशल मीडिया पर सामने आया तो लोग सुनकर हैरान हो गए और उन्होंने इसको लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने रखी. वहीं इस मामल ने अब लोगों के बीच भारत और नॉर्वे में टैक्सी के किराए को लेकर चर्चा छेड़ दी है. Expensive Taxi In Norway एक्स यूजर विनोद ने नोर्वे में घटित हुए इस अनुभव को अपने सोशल मीडिया पर शेयर किया. उन्होंने बताया कि टैक्सी ने करीब 29 किलोमीटर की दूरी 22 मिनट में तय की थी. उनके मुताबिक राइड काफी आरामदायक और अच्छी थी, लेकिन बिल देखकर वह जरूर हैरान हो गए. टैक्सी का कुल किराया 934 नॉर्वेजियन क्रोनर (Norway Taxi Fare Viral News) आया, जो भारतीय रुपये में करीब ₹9,580 बैठता है. इसके साथ ही उन्होंने भारत में मिलने वाली सस्ती कैब राइड का भी जिक्र किया. नोर्वे और भारत की टैक्सी के किराए की तुलना को अब लोग अलग-अलग नजर से देख रहे हैं.https://x.com/turiyatman/status/2100266845857042673?s=20 विनोद ने अपना अनुभव शेयर करते हुए लिखा की भारत में उन्होंने कई बार काफी सस्ती उबर राइड ली है. उनका कहना था कि भारत में हर बार प्रीमियम सर्विस भले न मिले, लेकिन पैसों के मामले में कैब काफी सस्ती पड़ती है. उनकी इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने भी अपने-अपने विचार रखने शुरू कर दिए. कुछ लोगों ने कहा कि भारत में टैक्सी का किराया निश्चित रूप से कम है, लेकिन सिर्फ किराए की तुलना करने से दोनों देशों की पूरी तस्वीर सामने नहीं आती. हम आपको बताते हैं कि नोर्वे में टैक्सी का किराया इतना महंगा क्यों है ? नोर्वे में भारत के मुकाबले सर्विसेस काफी महंगी हैं वहीं कर्मचारियों की मजदूरी और रोजमर्रा के खर्च भारत के मुकाबले काफी ज्यादा हैं. इसलिए वहां टैक्सी ड्राइवर समेत सर्विस सेक्टर के लोगों को मिलने वाली मजदूरी भी उसी हिसाब से होती है. इसका असर टैक्सी के किराए पर भी दिखाई देता है. सोशल मीडिया पर वायरल हुई इस खबर में कई लोगों ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत और नोर्वे के टैक्सी किराए की तुलना करना गलत है क्योंकि दोनों देशों के बीच काफी अंतर है. दोनों देशों की कमाई, महंगाई और जीवन-यापन का खर्च अलग है. एक यूजर ने यह भी कहा कि नॉर्वे में ज्यादा मजदूरी और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर की वजह से सेवाओं की कीमत ज्यादा होती है. वहीं कुछ लोगों ने भारत में टैक्सी और उबर की कम कीमत को देश की एक खासियत बताया.ये भी पढ़ें- रूस से तेल खरीदने पर भारत पर खतरा, US 100% टैरिफ लगाएगा ! भारत भले ही विकसित देशों की श्रेणी में आता हो लेकिन अभी भी कई चीजों में भारत आधुनिक देशों के मुकाबले पीछड़ा हुआ है. ऐसे में यहां प्रति व्यक्ति आय भी नोर्वे से कम है. जिसके कारण ही दोनों देशों के खर्चों में धरती आसमान का फर्क साफ दिखाई देता है.

breaking

रूस से तेल खरीदने पर भारत पर खतरा, US 100% टैरिफ लगाएगा !

नई दिल्ली|Vivek
रूस से तेल खरीदने पर भारत पर खतरा, US 100% टैरिफ लगाएगा !

अमेरिका में अब रूस पर लगने वाले नए प्रतिबंधो को लेकर हवा तेज हो गई है. इसको लेकर अलग-अलग कयास लगाए जा रहे हैं. ऐसे में अब अमेरिकी सांसदों ने रूस प्रतिबंध बिल में की संशोधन पेश किए हैं. जिसका सीधा असर भारत पर भी पड़ सकता है. जो संशोधनों के मुताबिक भारत सहित रूस के बड़े व्यापारिक साझेदार देशों के नाम सीधे बिल में जोड़ने की अपील की गई है. इसके साथ ही दूसरे संशोधन में टैरिफ लगाने वाले पूरे प्रावधान को ही बिल से हटाने की बात सामने आई है. अब ये पूरा मामला अमेरिकी संसद के निचले सदन यानी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स (House of Representatives) में पहुंच गया है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि लिंडसे ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट (Lindsey Graham Sanctioning Russia and Iran Act) पिछले महीने ही अमेरिकी सीनेट में भारी बहुमत के साथ पास हो गया है. बताया जा रहा है कि इस बिल का मकसद रूस के नेतृत्व और उसके ऊर्जा क्षेत्र पर सख्त प्रतिबंध लगाने का है. वहीं अब उन जहाजों के बेड़े (Tanker Fleets) पर भी पैनी नजर रखी जाएगी जो रूस को तेल बेचने में मदद कर रहे हैं और प्रतिबंधों से बचने का रास्ता निकाल रहे हैं. अमेकिता का मानना है कि रूस अपने कच्चे तेल के व्यापास से मिलने वाले पैसे का उपयोग यूक्रेन के खिलाफ जंग में कर रहा है. हालांकि, इसको लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. US tariff on Russian oil वहीं जो बिल पास हुआ है उसमें अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अधिकारी देने की बात भी सामने आई है कि रूस से जो भी तेल खरीद रहे हैं उन सभी देशों पर 100 प्रतिशित तक टैरिफ लगा सकें. हालांकि, अभी तक 7 अगस्त को सीनेट से पास हुए बिल में सीधे मायनों में किसी एक देश का नाम रेखांकित नहीं किया गया था. सिर्फ इतना कहा गया था कि जो 5 देश भारी मात्रा में तेल और गैस खरीदते हैं उनपर ये नियम लागू किए जाएंगे. वहीं अब डेमोक्रेटिक सांसद स्टेनी हॉयर ने मांग की है कि चीन, भारत, तुर्की, अजरबैजान और किर्गिज रिपब्लिक जैसे देशों के नाम बिल में शामिल हों. वहीं दूसरी तरफ डेमोक्रेटिक सांसद ग्रेगरी मीक्स, जो ट्रंप को ज्यादा टैरिफ अधिकार देने के खिलाफ रहे हैं, उन्होंने राष्ट्रपति को सेकेंडरी टैरिफ लगाने की शक्ति देने वाले पूरे सेक्शन 113 को ही हटाने का प्रस्ताव रखा है और इस प्रस्ताव के पक्ष में तीन अन्य़ सांसद भी आए हैं.ये भी पढ़ें- हमारी हो रही है ग्रोथ, लगातार बढ़ रही है GDP- PM मोदी भारत पर इसका असर क्यों पड़ सकता है ? अब आपको इस मामले में भारत पर क्या असर पड़ता है इसको लेकर जानकारी देते हैं. दरअसल, पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के बावजूद भारत ने अपनी जरूरतों के हिसार से रूस से कच्चा तेल खरीदना जारी रखा हुआ है. क्योंकि ऊर्जा सुरक्षा के लिए भारत का ये रुख बेहद ही अहम माना गया है. हालांकि, अब अमेरिकी संसद में जो बिल पेश हुए हैं उससे भारत और अमेरिका के रिश्तों पर इसका सीधा असर पड़ सकता है. इसके साथ ही अगर बिल पास हो जाता है तो भारतीय अर्थव्यवस्था औऱ तेल के आयात पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है. इन सबके बीच अहम बात ये ही कि आम जनता को आने वाले समय में महंगाई की ओर मार झेलनी पड़ सकता है. जो परिस्थितियां बनेंगी वो तो आने वाले समय में सामने आएंगी. लेकिन अभी के लिए अमेरिकी संसद में जो चर्चा हुई है उससे चिंता का माहौल बनना स्वाभाविक है और इसको लेकर सभी देशों की नजर है.

breaking

हमारी हो रही है ग्रोथ, लगातार बढ़ रही है GDP- PM मोदी

नई दिल्ली|Vivek
हमारी हो रही है ग्रोथ, लगातार बढ़ रही है GDP- PM मोदी

नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत दौरे पर आए बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर का जोरदार स्वागत किया. इस दौरान दोनों देशों से जुड़े कई अहम मुद्दों को लेकर जैसे सेमीकंडक्टर, ग्रीन एनर्जी और क्रिटिकल मिनरल्स जैसे गंभीर वैश्विक मुद्दों पर गंभीरता से चर्चा की गई. इसके साथ ही बेल्जियम के प्रधानमंत्री की 'चॉकलेट डिप्लोमेसी' से जुड़ा एक मजेदार किस्सा भी सामने आया। भारत की ग्रोथ स्टोरी पर क्या बोले PM मोदी ? इस दौरान पीएम मोदी ने संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित किया और भारत के विकास को लेकर कई बातें कही. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज भारत की विकास यात्रा पूरे विश्व के लिए एक बड़े विश्वास और नए अवसरों का केंद्र बन रही है। भारत और बेल्जियम के रिश्तों को लेकर पीएम मोदी ने अपनी बात कही और कहा कि एक स्वच्छ ऊर्जा भविष्य का निर्माण और एक मजबूत, विश्वसनीय सप्लाई चेन स्थापित करना दोनों देशों की साझा प्राथमिकताएं हैं। आगे पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच रिन्यूएबल एनर्जी (नवीकरणीय ऊर्जा) को लेकर जो समझौते हुए हैं उससे आपसी रणनीतिक सहयोग को एक नई रफ्तार मिलेगी और दोनों देशों की तरक्की को चार चांद लगेंगे. तकनीक और औद्योगिक क्षेत्र पर फोकस तकनीक और औद्योगिक क्षेत्र में सहयोग को लेकर भी पीएम मोदी ने अपना पक्ष रखा और कहा कि क्रिटिकल मिनरल्स की प्रोसेसिंग और रीसाइक्लिंग में भारत और बेल्जियम मिलकर आगे बढ़ेंगे। सेमीकंडक्टर के क्षेत्र का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि बेल्जियम के पास इस क्षेत्र में गहरी योग्ताएं हैं और भारत के पास विशाल स्केल हैं, जो एक-दूसरे के पूरक हैं। इसी तालमेल को मजबूत करने के लिए बेल्जियम के विश्व प्रसिद्ध 'IMEC इंस्टीट्यूट' को भारत के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम से जोड़ने के लिए मिलकर काम किया जाएगा। आतंकवाद के खिलाफ कड़ा संदेश अक्सर पीएम मोदी अन्य देशों के प्रतिनिधित्वों से बात करते हुए आतंकवाद के मुद्दे पर अपनी राय रखते हैं. इस बार भी उन्होंने बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर से आतंकवाद के मुद्दे पर भारत का रुख साफ किया और कहा कि भारत और बेल्जियम दोनों ही कानून के शासन, बातचीत और कूटनीति में गहरा विश्वास रखते हैं। इस दौरन पीएम मोदी ने कहीं उदाहरण भी पेश किए और कहा कि चाहे यूक्रेन का संघर्ष हो या वेस्ट एशिया का तनाव, भारत हमेशा युद्ध की जल्द से जल्द समाप्ति और शांतिपूर्ण समाधान का पक्षधर रहा है। इसके साथ ही आतंकवाद पर कड़ा संदेश देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आतंकवाद के हर रूप को जड़ से खत्म करना दोनों देशों की प्राथमिकताओं में शामिल है. द्विपक्षीय वार्ता के दौरान मज़ेदार किस्सा Bart Dewever India Visit द्विपक्षीय वार्ता के दौरान बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर ने एक खास किस्सा जनता के साथ साझा किया जिसको लेकर माहौल थोड़ा हल्का-फुल्का हो गया. बार्ट डी वेवर ने बताया कि वे पीएम मोदी के लिए बेल्जियम चॉकलेट से बना 'इंडिया गेट' का एक बेहद खूबसूरत ढांचा तोहफे के रूप में लाना चाहते थे लेकिन एक सदी से सीना ताने खड़े असली इंडिया गेट के उलट, चॉकलेट वाला यह वर्शन भारत तक का सफर भी नहीं झेल पाया और पिघल गया। इससे हमें समझ आया कि चॉकलेट कूटनीति के लिए तो बहुत बढ़िया है, लेकिन कूटनीतिक यात्रा के लिए नहीं!"ये भी पढ़ें PM मोदी बोले- भारत जल्द बना सकता है ग्लोबल स्पेस सेक्टर में अपनी मजबूत जगह बेल्जियम के प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि भले ही यह तोहफा खराब हो गया, लेकिन उनके पास इसका एक बैकअप तैयार है और वे इसे सही-सलामत पीएम मोदी तक जरूर पहुंचाएंगे। उन्होंने कहा कि इंडिया गेट को चुनने की खास वजह यह थी कि यह दोनों देशों के साझा इतिहास और आने वाले दौर की मजबूत साझेदारी का प्रतीक है। पिघले हुए तोहफे के इस किस्से ने दोनों नेताओं के बीच के सहज और दोस्ताना संबंधों की एक खूबसूरत तस्वीर पेश की।

राष्ट्रीय

PM मोदी बोले- भारत जल्द बना सकता है ग्लोबल स्पेस सेक्टर में अपनी मजबूत जगह

नई दिल्ली|Gia Rana
PM मोदी बोले- भारत जल्द बना सकता है ग्लोबल स्पेस सेक्टर में अपनी मजबूत जगह

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत के तेजी से बढ़ते अंतरिक्ष क्षेत्र को लेकर बड़ा भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि भारत बहुत तेजी से ग्लोबल स्पेस सेक्टर में अपनी मजबूत जगह बना सकता है। प्रधानमंत्री मोदी ने देश की निजी अंतरिक्ष कंपनियों और स्टार्टअप्स से ऐसा मजबूत इकोसिस्टम तैयार करने की अपील की, जो दुनिया भर के टैलेंट, टेक्नोलॉजी और निवेश को भारत की ओर आकर्षित कर सके। भारत का स्पेस सेक्टर लगातार नए अवसरों के साथ आगे बढ़ रहा है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन यानी ISRO की उपलब्धियों के साथ-साथ अब निजी कंपनियों की भागीदारी भी तेजी से बढ़ रही है। सरकार ने हाल के वर्षों में स्पेस सेक्टर में प्राइवेट प्लेयर्स के लिए नए अवसर खोले हैं, जिससे स्टार्टअप्स और टेक्नोलॉजी कंपनियों को अंतरिक्ष से जुड़े क्षेत्रों में काम करने का मौका मिला है। पीएम मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि भारत को केवल अंतरिक्ष मिशनों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि ग्लोबल स्पेस इकोनॉमी में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए एक मजबूत और आकर्षक वातावरण तैयार करना होगा। उन्होंने कहा कि ऐसा इकोसिस्टम विकसित किया जाना चाहिए, जहां दुनिया के बेहतरीन वैज्ञानिक, इंजीनियर, इनोवेटर्स और निवेशक भारत के साथ काम करने के लिए प्रेरित हों। भारत की बढ़ती तकनीकी क्षमता, युवा टैलेंट और तेजी से विकसित हो रहा स्टार्टअप इकोसिस्टम देश को ग्लोबल स्पेस इंडस्ट्री में नई पहचान दिला सकता है। सैटेलाइट टेक्नोलॉजी, स्पेस रिसर्च, लॉन्च सर्विसेज और नई अंतरिक्ष तकनीकों में भारत के लिए बड़े अवसर मौजूद हैं। प्रधानमंत्री मोदी के इस बयान को भारत के स्पेस सेक्टर के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले वर्षों में सरकार, ISRO और निजी कंपनियों के बीच बेहतर सहयोग भारत को वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में बड़ी भूमिका निभाने में मदद कर सकता है। भारत का लक्ष्य अब केवल सफल स्पेस मिशन तक सीमित नहीं है, बल्कि एक ऐसा मजबूत स्पेस इकोसिस्टम तैयार करना है जो इनोवेशन, ग्लोबल इन्वेस्टमेंट और नई तकनीकों के लिए दुनिया का प्रमुख केंद्र बन सके।

राजनीति

केजरीवाल का दावा: AAP विधायक कुलदीप कुमार को सुबह 4:30 बजे घर से उठाया, दिल्ली HC में सुनवाई आज

नई दिल्ली|Gia Rana
केजरीवाल का दावा: AAP विधायक कुलदीप कुमार को सुबह 4:30 बजे घर से उठाया, दिल्ली HC में सुनवाई आज

दिल्ली की राजनीति में बुधवार सुबह उस समय हलचल बढ़ गई, जब आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने विधायक कुलदीप कुमार को लेकर गंभीर आरोप लगाए। केजरीवाल के अनुसार, दिल्ली पुलिस सुबह करीब 4:30 बजे कुलदीप कुमार के आवास पर पहुंची और उन्हें घर से उठा ले गई। उन्होंने यह भी दावा किया कि पुलिसकर्मियों ने आवास पर लगे CCTV कैमरों को नुकसान पहुंचाया और डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (DVR) भी अपने साथ ले गए। मामले को लेकर आम आदमी पार्टी ने सवाल उठाते हुए इसे गंभीर कार्रवाई बताया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि विधायक को किस आधार पर और किस मामले में हिरासत में लिया गया, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने आनी चाहिए। केजरीवाल के आरोपों के बाद मामला दिल्ली हाई कोर्ट तक पहुंच गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, कुलदीप कुमार की ओर से मामले में तत्काल सुनवाई की मांग की गई है। दिल्ली हाई कोर्ट इस याचिका पर तत्काल सुनवाई करेगा। अदालत में सुनवाई के दौरान पुलिस की कार्रवाई, विधायक को घर से ले जाने की परिस्थितियों और CCTV तथा DVR से जुड़े आरोपों पर पक्ष रखा जा सकता है। हालांकि, केजरीवाल द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और पुलिस का विस्तृत पक्ष इस रिपोर्ट के समय तक सामने नहीं आया है। ऐसे में पूरे मामले पर अदालत की सुनवाई और आधिकारिक बयान महत्वपूर्ण होंगे। कुलदीप कुमार आम आदमी पार्टी के प्रमुख नेताओं में शामिल हैं और दिल्ली की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। उनके कथित तौर पर घर से उठाए जाने की खबर सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद और तेज हो गया है। अब सभी की नजरें दिल्ली हाई कोर्ट की तत्काल सुनवाई और आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई पर टिकी हैं।

अंतर्राष्ट्रीय

ट्रंप ने भारत के चुनाव का दिया उदाहरण, Save America Act के समर्थन में रखा तर्क

नई दिल्ली|Gia Rana
ट्रंप ने भारत के चुनाव का दिया उदाहरण, Save America Act के समर्थन में रखा तर्क

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत में हुए हालिया आम चुनावों का उदाहरण देते हुए अपने Save America Act के समर्थन में तर्क पेश किया। ट्रंप ने भारत की चुनाव प्रक्रिया का जिक्र करते हुए कहा कि हालिया आम चुनावों में एक प्रतिशत से भी कम मतदाताओं ने पोस्टल बैलेट का इस्तेमाल किया था। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि भारत में प्रत्येक मतदाता के पास वैध फोटो पहचान दस्तावेज था। उनके अनुसार, भारत की चुनाव प्रक्रिया में पहचान सत्यापन और मतदान के तरीकों से जुड़े नियम अमेरिकी चुनाव व्यवस्था के लिए एक उदाहरण प्रस्तुत कर सकते हैं। ट्रंप का यह बयान अमेरिकी चुनाव कानूनों और वोटर पहचान को लेकर चल रही बहस के बीच सामने आया है। Save America Act को लेकर रिपब्लिकन नेताओं की ओर से मतदाता पहचान और चुनाव प्रक्रिया को अधिक सख्त बनाने पर जोर दिया जा रहा है। भारत का उदाहरण देते हुए ट्रंप ने अमेरिकी चुनावों में मतदान की प्रक्रिया, मतदाता पहचान और पोस्टल बैलेट के इस्तेमाल पर सवाल उठाए। उनका तर्क है कि चुनाव प्रक्रिया में मजबूत पहचान व्यवस्था से मतदान की विश्वसनीयता को बढ़ाया जा सकता है। भारत में आम चुनावों के दौरान करोड़ों मतदाता मतदान करते हैं और चुनाव आयोग की ओर से मतदाता पहचान तथा मतदान प्रक्रिया के लिए निर्धारित नियम लागू किए जाते हैं। वहीं, अमेरिका में वोटर ID, absentee voting और election administration को लेकर राज्यों के बीच अलग-अलग नियम हैं। ट्रंप द्वारा भारत की चुनाव प्रणाली का उल्लेख इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि अमेरिकी राजनीति में चुनावी प्रक्रिया और मतदाता पहचान लंबे समय से विवाद और बहस का विषय रहे हैं। Save America Act को लेकर भी चुनाव सुरक्षा, मतदाता पहचान और मतदान प्रक्रिया से जुड़े प्रस्तावों पर राजनीतिक चर्चा जारी है।

education

शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी का NTA पर बड़ा एक्शन, परीक्षा और सुरक्षा व्यवस्था में होगा व्यापक बदलाव

नई दिल्ली|Gia Rana
शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी का NTA पर बड़ा एक्शन, परीक्षा और सुरक्षा व्यवस्था में होगा व्यापक बदलाव

शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की परीक्षा और सुरक्षा व्यवस्था में व्यापक बदलाव के निर्देश दिए हैं। यह फैसला UGC NET से जुड़े हालिया मुद्दों के बाद लिया गया है, जिनसे एजेंसी की परीक्षा प्रक्रिया और गोपनीय व्यवस्थाओं पर सवाल उठे थे। प्रल्हाद जोशी ने NTA के परीक्षा सिस्टम को मजबूत करने के लिए व्यापक overhaul का निर्देश दिया है। प्रस्तावित बदलावों में एजेंसी के मौजूदा स्टाफ की समीक्षा, जरूरत के अनुसार कुछ कर्मचारियों को हटाना और परीक्षा संचालन के लिए नए विशेषज्ञों की नियुक्ति शामिल है। इसके साथ ही परीक्षा से जुड़ी confidential operations को और अधिक सुरक्षित बनाने पर भी जोर दिया गया है। परीक्षा सामग्री, संवेदनशील दस्तावेजों और अन्य गोपनीय प्रक्रियाओं की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सख्त व्यवस्था लागू करने की योजना है। सरकार की ओर से NTA की पूरी परीक्षा प्रणाली का comprehensive audit भी कराया जाएगा। इस ऑडिट का उद्देश्य मौजूदा प्रक्रियाओं में कमियों की पहचान करना और भविष्य में परीक्षा संचालन को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाना है। NTA देशभर में कई महत्वपूर्ण प्रवेश और पात्रता परीक्षाओं का आयोजन करता है। ऐसे में परीक्षा प्रणाली में किसी भी तरह की सुरक्षा चूक या प्रशासनिक समस्या का सीधा असर लाखों अभ्यर्थियों पर पड़ सकता है। UGC NET से जुड़े विवादों के बाद परीक्षा व्यवस्था को लेकर छात्रों और अभिभावकों की चिंताएं भी सामने आई थीं। नए सुधारों के तहत विशेषज्ञों की भूमिका बढ़ाने, संवेदनशील कार्यों की निगरानी मजबूत करने और परीक्षा से जुड़े संचालन में जवाबदेही सुनिश्चित करने पर ध्यान दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य NTA की कार्यप्रणाली में भरोसा बहाल करना और भविष्य की परीक्षाओं को अधिक सुरक्षित एवं प्रभावी बनाना है। यह overhaul NTA के परीक्षा संचालन में एक बड़े संस्थागत बदलाव की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

अंतर्राष्ट्रीय

पश्चिम एशिया युद्ध LIVE: ईरान-ओमान वार्ता जारी, ट्रंप ने सऊदी-तुर्की-पाक रक्षा समझौते को सराहा

नई दिल्ली|Gia Rana
पश्चिम एशिया युद्ध LIVE: ईरान-ओमान वार्ता जारी, ट्रंप ने सऊदी-तुर्की-पाक रक्षा समझौते को सराहा

West Asia War LIVE: ईरान-ओमान वार्ता जारी, ट्रंप ने रक्षा समझौते की सराहना कीपश्चिम एशिया में जारी युद्ध और बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के बीच कूटनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि ओमान के साथ बातचीत जारी है। ओमान लंबे समय से क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर मध्यस्थ की भूमिका निभाता रहा है और ईरान से जुड़े कूटनीतिक प्रयासों में भी महत्वपूर्ण रहा है।इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच हाल ही में हुए Mecca Joint Defence Agreement का स्वागत किया है। ट्रंप ने इसे क्षेत्रीय देशों के लिए अपनी सुरक्षा को अधिक प्रभावी तरीके से मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा और महत्वपूर्ण कदम बताया।सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान ने 7 अगस्त को इस रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। समझौते के तहत किसी एक सदस्य देश पर सशस्त्र हमला होने की स्थिति को सभी तीन देशों पर हमला माना जाएगा। इसके अलावा तीनों देशों के बीच सैन्य और रणनीतिक सहयोग बढ़ाने, संयुक्त अभ्यास करने तथा रक्षा तकनीक और उद्योगों में सहयोग को मजबूत करने की योजना है।यह समझौता ऐसे समय हुआ है जब पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका के बीच तनाव लगातार बना हुआ है। ईरान और अमेरिका के बीच पहले हुए अंतरिम समझौते को लेकर भी स्थिति कमजोर हुई है और वार्ता में प्रगति सीमित रही है। रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण Strait of Hormuz को लेकर दोनों पक्षों के बीच मतभेद भी जारी हैं।क्षेत्रीय सुरक्षा के इस बदलते समीकरण के बीच सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान का नया रक्षा समझौता आने वाले दिनों में पश्चिम एशिया की रणनीतिक स्थिति पर असर डाल सकता है। वहीं, ईरान और ओमान के बीच जारी बातचीत से तनाव कम करने के संभावित कूटनीतिक रास्तों पर भी नजर बनी हुई है।पश्चिम एशिया युद्ध से जुड़े हर बड़े घटनाक्रम, ईरान-ओमान वार्ता, अमेरिका की प्रतिक्रिया और क्षेत्रीय देशों के नए रणनीतिक फैसलों पर लगातार अपडेट सामने आ रहे हैं।

राष्ट्रीय

NALSAR विवाद के बीच CJI सूर्यकांत बोले- मैंने न्योता कभी स्वीकार ही नहीं किया

नई दिल्ली|Gia Rana
NALSAR विवाद के बीच CJI सूर्यकांत बोले- मैंने न्योता कभी स्वीकार ही नहीं किया

NALSAR विवाद: CJI सूर्यकांत ने निमंत्रण स्वीकार करने से किया इनकारNALSAR यूनिवर्सिटी ऑफ लॉ, हैदराबाद में CJI सूर्यकांत को दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि बनाए जाने को लेकर शुरू हुआ विवाद अब नया मोड़ ले चुका है। भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने NALSAR की ओर से मिले निमंत्रण को कभी स्वीकार नहीं किया था। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने निमंत्रण स्वीकार ही नहीं किया, तो समारोह में उनके शामिल होने का सवाल ही नहीं उठता।यह बयान ऐसे समय आया है जब NALSAR के छात्रों के एक समूह ने CJI को दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किए जाने का विरोध किया था। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से निमंत्रण पर पुनर्विचार करने की मांग की थी। रिपोर्टों के अनुसार, छात्रों की आपत्ति CJI के हालिया बयानों और छात्र विरोध प्रदर्शनों से जुड़े कुछ मामलों में उनके रुख को लेकर थी।विवाद के बीच मामला केवल विश्वविद्यालय परिसर तक सीमित नहीं रहा। NALSAR के छात्रों के खिलाफ बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) की कार्रवाई ने भी व्यापक चर्चा को जन्म दिया। BCI ने शुरुआत में 2026 बैच के छात्रों के वकील के रूप में नामांकन पर रोक लगाने वाला कदम उठाया था, लेकिन बाद में इस फैसले को वापस ले लिया गया। सुप्रीम कोर्ट ने भी BCI के कदम पर कड़ी आपत्ति जताई और छात्रों के खिलाफ किसी भी दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगाई।CJI सूर्यकांत ने इस पूरे मामले में छात्रों के विरोध के अधिकार को लेकर भी अपनी स्थिति स्पष्ट की थी। उन्होंने कहा था कि यह मामला उनके और छात्रों के बीच है और बाहरी संस्थाओं को इसमें हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।अब CJI के ताजा बयान के बाद NALSAR विवाद में एक महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है कि निमंत्रण स्वीकार किए जाने की बात सही नहीं थी। इसके बावजूद छात्रों के विरोध, BCI की कार्रवाई और सुप्रीम कोर्ट की प्रतिक्रिया ने विश्वविद्यालयों में छात्र अभिव्यक्ति, असहमति और संस्थागत अधिकारों को लेकर एक बड़ी बहस छेड़ दी है। मामले से जुड़े घटनाक्रम पर आगे भी नजर बनी हुई है।

पृष्ठ 1 / 8