सीएम भगवंत मान के काफिले पर टमाटर फेंकने का प्रयास, क्या है पूरा मामला ?

📸 सांकेतिक तस्वीर | फोटो: दैनिक सबसे तेज़
पंजाब चुनाव से पहले इस समय सियासत गरमाई हुई है. सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं में एक ओर जहां अभी तक बयानबाजी जारी थी. वहीं अब ये विरोध बढ़ता जा रहा है. दरअसल, लुधियाना से एक बेहद सनसनीखेज और बड़ी राजनीतिक खबर सामने आई। जहां भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को पंजाब पुलिस ने हिरासत में ले लिया। उनके हिरासत में लिए जाने की वजह बेहद नाटकीय थी, क्योंकि वे पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के काफिले पर विरोधस्वरूप टमाटर और अंडे फेंकने की कोशिश कर रहे थे। जिसको लेकर ही वहां मौजूद पुलिस ने हिरासत में लिया और आगे की कार्रवाई अमल में लाई गई. PAU के समीप की पूरी घटना जानकारी के मुताबिक, पंजाब की आम आमदी पार्टी की ओर से लधियाना में शनिवार को एक बेहद ही बड़े कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. जिसको लेकर चारों तरफ खुब चर्चाएं हो रही थी. इसी कार्यक्रम में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान समेत कई VIP लोगों का पहुंचाना जारी थी. सभी नेता कार्यक्रम स्थल की तरफ बढ़ रहे थे और तयशुदा कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री का काफिला पंजाब खेतीबाड़ी यूनिवर्सिटी (PAU) के बाहर से गुजरने वाला था। BJP vs AAP Punjab conflict जैसे ही मुख्यमंत्री का काफिला इस इलाके के करीब पहुँचने वाला था, बीजेपी नेता रवनीत बिट्टू अपने समर्थकों के साथ वहां पहुंच गए। उनके हाथ में टमाटर और अन्य सामग्रियां थीं। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को पहले से ही इस बात की आशंका थी या सतर्कता बरती जा रही थी, इसलिए भारी पुलिस बल वहां पहले से तैनात था। पुलिस ने रवनीत बिट्टू को यूनिवर्सिटी के गेट के पास ही आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की। हालांकि, वे काफिले के बहुत ज्यादा करीब तो नहीं पहुंच पाए, लेकिन वे पीएयू गेट तक जरूर पहुँच गए थे। इसी दौरान रवनीत सिंह बिट्टू ने अपना विरोध जताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान की गाड़ी पर टमाटर फेंकने की कोशिश की। लेकिन पुलिस की मौके पर काफी सतर्कता थी जिसके चलते ही रवनीत सिंह बिट्टू को हिरासत में ले लिया गया और उन्हें अपने साथ पीएयू परिसर से दूर ले गई। क्या है इस पूरे राजनीतिक टकराव की असली जड़? इस मामले को लेकर अब देश की राजनीती में काफी चर्चाएं हो रही हैं. कई लोगों का कहना है कि बीजेपी की ओर से लुधियाना में ये घटना को अचानक से की गई घटना नहीं थी बल्कि इस घटना को पिछले दिनों हुई घटना के साथ जोड़ा जा रहा है. कहा जा रहा है कि पहले बटाला के पास रवनीत बिट्टू के अपने काफिले पर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं और वर्करों ने अंडे और टमाटर फेंके थे। बटाला में हुए उस विरोध प्रदर्शन और हमले से बिट्टू काफी आहत और गुस्से में थे। बटाला की घटना के ठीक विरोध में और उसी अंदाज में जवाब देने के लिए रवनीत बिट्टू लुधियाना पहुंचे थे। उनका साफ मकसद यही था कि जिस तरह उनके काफिले को निशाना बनाया गया, वे भी मुख्यमंत्री भगवंत मान के काफिले पर टमाटर फेंककर इसका कड़ा राजनीतिक जवाब दें। पिछले दो दिनों में पंजाब की राजनीति में इस तरह के दो बड़े टकराव सामने आ चुके हैं, जिससे साफ जाहिर होता है कि राज्य में सत्ताधारी पार्टी 'आप' और विपक्षी बीजेपी के बीच का राजनीतिक संघर्ष अब सड़कों पर खुलकर आमने-सामने आ चुका है।ये भी पढ़ें- ट्रैफिक चालान को लेकर नियम बदले, अब कटा चालान तो करें ये काम पुलिस प्रशासन और सुरक्षा पर उठे सवाल वहीं इस पूरे मामले के बाद पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं. क्योंकि एक तरफ जहां मुख्यमंत्री और देश-प्रदेश के बड़े नेता एक बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल होने आ रहे थे, वहीं दूसरी तरफ एक कद्दावर केंद्रीय पूर्व मंत्री का इस तरह विरोध प्रदर्शन करते हुए काफिले के इतने करीब तक पहुंच जाना सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हुआ। फिलहाल पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए रवनीत बिट्टू को हिरासत में ले लिया है और मामले से जुड़े तमाम पहलुओं की जांच की जा रही है। फिलहाल पंजाब में चल रहे इस तरह के विरोध आगे भी जारी रहेंगे या फिर नेता केवल बयानबाजी तक सीमित रहेंगे. ये तो आने वाले समय में पता चलेगा. लेकिन अभी राज्य के राजनीतिक हालात चिंता का विषय बने हुए हैं.









