कहां पकड़ा गया वायुसेना का फर्जी अधिकारी? वर्दी का किया गलत इस्तेमाल

Police arrest a delivery agent wearing a fake Indian Air Force officer uniform at Secunderabad parade ground in Hyderabad.
देश की सुरक्षा और सेना की गरिमा से खिलवाड़ करने वाले एक चौंकाने वाले मामले का खुलासा हुआ है। तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद में भारतीय वायुसेना (IAF) का फर्जी अधिकारी बनकर घूम रहे एक युवक को सैन्य सुरक्षा कर्मियों और पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई के दौरान धर दबोचा। आरोपी न केवल सैन्य छावनी क्षेत्र में अवैध रूप से दाखिल हुआ था, बल्कि वह एयरफोर्स की वर्दी का दुरुपयोग कर सोशल मीडिया पर अपनी फर्जी धौंस जमाने और युवतियों को प्रभावित करने की साजिश रच रहा था। यह घटना शहर के संवेदनशील माने जाने वाले सिकंदराबाद स्थित परेड ग्राउंड में सामने आई, जिसके बाद से सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है।
इस तरह हुआ फर्जीवाड़े का भंडाफोड़
सिकंदराबाद के परेड ग्राउंड परिसर में सैन्य सुरक्षा कर्मियों की नजर एक युवक पर पड़ी जो भारतीय वायुसेना में 'फ्लाइंग ऑफिसर' की वर्दी पहनकर अत्यंत आत्मविश्वास के साथ घूम रहा था और मोबाइल से अपनी तस्वीरें खींच रहा था। ड्यूटी पर तैनात सतर्क सुरक्षाकर्मियों को उसकी चाल-ढाल, बॉडी लैंग्वेज और हरकतों पर कुछ संदेह हुआ। नियमों के तहत जब सैनिकों ने उसे रोककर उससे उसका परिचय पत्र और तैनाती स्थल के बारे में पूछताछ की, तो वह घबरा गया। उसके जवाबों में विरोधाभास देखकर सुरक्षाबलों का शक यकीन में बदल गया। कड़ाई से की गई शुरुआती पूछताछ में यह साफ हो गया कि वह व्यक्ति भारतीय वायुसेना का कोई आधिकारिक कर्मी नहीं है, बल्कि एक बहरूपिया है। इसके तुरंत बाद सैन्य सुरक्षा कर्मियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे हिरासत में ले लिया और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए बेगमपेट पुलिस थाने के हवाले कर दिया।
डिलीवरी एजेंट निकला आरोपी, बिहार का है मूल निवासी
बेगमपेट पुलिस द्वारा की गई गहन पूछताछ में आरोपी की पहचान नीतेश कुमार पाल के रूप में हुई है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि नीतेश मूल रूप से बिहार का रहने वाला है और वर्तमान में हैदराबाद के ही नेरेडमेट इलाके में रह रहा था। चौंकाने वाली बात यह है कि उसका दूर-दूर तक सेना या किसी रक्षा सेवा से कोई लेना-देना नहीं है; बल्कि वह अपनी आजीविका चलाने के लिए पेशे से एक साधारण डिलीवरी एजेंट के रूप में काम करता है। पुलिस यह जानकर हैरान है कि एक साधारण डिलीवरी का काम करने वाला शख्स किस प्रकार इतनी आसानी से एयरफोर्स की आधिकारिक वर्दी और उसके प्रतीक चिह्न हासिल करने में कामयाब रहा। पुलिस अब उस लोकल टेलर या वेंडर की तलाश कर रही है जिसने उसे यह वर्दी सिलकर या उपलब्ध कराई थी, क्योंकि सेना की वर्दी का इस तरह अवैध रूप से बेचा जाना या बनवाया जाना गंभीर राष्ट्रीय सुरक्षा का विषय है।
पुलिस की साइबर विंग और जांच अधिकारियों द्वारा जब आरोपी के मोबाइल फोन और सोशल मीडिया खातों की खंगाली की गई, तो एक के बाद एक कई परतें उधड़ती चली गईं। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि नीतेश ने इंस्टाग्राम समेत अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अपनी प्रोफाइल को एक एयरफोर्स ऑफिसर के तौर पर पेश कर रखा था। उसने वर्दी पहने हुए कई तस्वीरें और रील्स अपलोड कर रखी थीं ताकि लोगों को उसकी असलियत पर कभी शक न हो।
जांच एजेंसियों को इस बात का पुख्ता अंदेशा है कि वह इस फर्जी और मनगढ़ंत पहचान का इस्तेमाल सोशल मीडिया के जरिए युवतियों से दोस्ती करने, उन्हें अपने रुतबे के जाल में फंसाने और भावनात्मक रूप से गुमराह करने के लिए करता था। परेड ग्राउंड में विशेष तौर पर तस्वीरें खिंचवाने के पीछे उसका मुख्य उद्देश्य यही था कि वह उन तस्वीरों को अपनी प्रोफाइल पर अपलोड कर अपनी झूठी सैन्य पहचान को और अधिक मजबूत और विश्वसनीय दिखा सके। फिलहाल पुलिस इस बात की गहराई से पड़ताल कर रही है कि क्या उसने इस फर्जीवाड़े के जरिए पहले भी किसी को ठगा है या किसी युवती को अपने जाल में फंसाया है।
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पुलिस का शिकंजा और खंगाले जा रहे हैं नेटवर्क
घटना की गंभीरता को देखते हुए बेगमपेट पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस बात की भी सुई घुमा रही है कि इस अपराध में अकेले नीतेश का हाथ है या उसके पीछे कोई और गिरोह भी सक्रिय है जो इस तरह की अवैध गतिविधियों में लिप्त है।
सोशल मीडिया डाटा रिकवरी: आरोपी के इंस्टाग्राम, फेसबुक और अन्य चैटिंग ऐप्स के चैट्स को खंगाला जा रहा है ताकि उसके संपर्कों और संभावित पीड़ितों की पहचान की जा सके।
वर्दी का स्रोत: एयरफोर्स की हूबहू वर्दी और रैंक बैज उसे कहां से और किसने उपलब्ध कराए, पुलिस इस एंगल से भी सप्लायर की तलाश कर रही है।
अन्य सहयोगियों की तलाश: क्या इस साजिश में कोई अन्य स्थानीय व्यक्ति उसकी मदद कर रहा था, इसकी भी तस्दीक की जा रही है।
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि सैन्य इलाकों में इस प्रकार की सेंधमारी और वर्दी का दुरुपयोग देश की आंतरिक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। पुलिस इस मामले के हर एक पहलू को टटोल रही है और जांच के अंत में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर कोर्ट में चालान पेश कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
About the Author: Vivek
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