क्या आप हरियाणा के प्रसिद्ध मंदिरों के बारे में जानते हैं ?

Haryana Famous Temples List - चंडी मंदिर पंचकूला और कुरुक्षेत्र के ऐतिहासिक मंदिरों के दर्शन और उनका पौराणिक इतिहास।
हरियाणा जो अपने खान पान को लेकर तो काफी चर्चित रहता ही है| पर साथ ही यह देवी देवताओं की धरती भी है| हरियाणा के कुरुश्रेत्र में ही महाभारत का युद्ध भी हुआ था| हरियाणा में बहुत से ऐतिहासिक मंदिर भी हैं| जिन से लोगों की श्रद्धा जुड़ी हैं इन मंदिरों की सूचि इस प्रकार है :-
1) चंडी मंदिर, पंचकूला
चंडी मंदिर माता का यह स्थान पांच हजार वर्ष पुराना है| इस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि एक साधु यहां तप किया करते थे| तप के दौरान साधु को एक मूर्ति नीचे गिरी हुई मिली थी| वह मूर्ति दुर्गा माता की थी जिसमें माँ महिषासुर का वध कर के उसके ऊपर खड़ी थी| फिर उस साधु ने इस मूर्ति की पूजा अर्चना शुरू कर दी थी| धीरे धीरे स्थानीय लोगों द्वारा भी उस मूर्ति को पूजा जाने लगा| उन्हों ने घास, मिट्टी और पत्थर से माता का मंदिर बनाया | फिर जब लोगों की मनोकामना पूर्ण होने लगी और समय के बदलाव के साथ एक भव्य मंदिर का निर्माण किया गया| स्मार्ट सिटी, चंडीगढ़ का नाम भी चंडी देवी के नाम से ही पड़ा है| यह स्थल पिंजौर-पंचकूला के बीच में हाइवे के पास में मौजूद है|
2) माता मनसा देवी मंदिर
100 एकड़ से अधिक जमीन में बना माता का यह मंदिर पंचकूला में स्थित है| 1811-15 के दौरान इस मंदिर का निर्माण महाराज गोला सिंह द्वारा किया गया था| यह स्थान शक्ति की प्रतीक माता मनसा देवी को समर्पित है| मुख्य मंदिर में माता की मूर्ति है और उसके आगे तीन पिंडियां हैं| यह तीनों पिंडियां महालक्ष्मी, सरस्वती और मनसा देवी के नाम से जानी जाती हैं| माना जाता है कि जिस स्थान पर मंदिर है उसी स्थान पर सती माता के मस्तक का अगला हिस्सा गिरा था|
यह उत्तर भारत के शक्ति मंदिरो में से एक है| मनसा देवी के दर्शनों के लिए भक्त देश विदेश से यहां आतें हैं| नवरात्रों के दिनों में यहां भारी भीड़ देखने को मिलती है|
3) काली माता, कालका
हरियाणा के कालका में मौजूद माता काली का यह मंदिर हरियाणा का आखिरी और हिमाचल का पहला मंदिर है| पौराणिक कथाओं के अनुसार काली माता मंदिर के आधार पर ही इस शहर का नाम कालका पड़ा था| किंवदन्ती के अनुसार, जी समय देवताओं को राक्षसों का डर सताने लगा था तब माता ने अपना विराट रूप लेकर उनका सर्वनाश कर के देवताओं की जान बचाई थी| मंदिर में काली माता की विशालकाय मूर्ति भी है| सुरक्षा नज़रिये से इस स्थल पर हमेशा पुलिस रहती है| मंदिर के ठीक पीछे सिख धर्म का गुरुद्वारा भी बनाया हुआ है|
4) भद्रकाली मंदिर, कुरूक्षेत्र
यह मंदिर हरियाणा राज्य के कुरूक्षेत्र में है| यह धार्मिक स्थल माता के 52 शक्तिपीठों में से एक है| कहा जाता है कि इसी स्थान पर भगवान श्री कृष्ण जी का मुंडन भी किया गया था| इस स्थान पर माता सती के दाहिने पैर के घुटने के नीचे का भाग गिरा था| कुरूक्षेत्र में महाभारत युद्ध के दौरान भी इस मंदिर की अहम भूमिका रही थी| युद्ध के पूर्व श्री कृष्ण ने अर्जुन से युद्ध में विजय की कामना से इसी स्थान पर भद्रकाली की पूजा करने को कहा था | साल के दोनों नवरात्रों के दौरान इस मंदिर को बहुत ही ख़ूबसूरती से सजाया जाता है और भक्तजन अपनी मुराद लेकर माता के दरबार में बड़ी ही भक्ति से माँ की पूजा अर्चना कर के आशीर्वाद प्राप्त करते हैं|
5 ) बिरला मंदिर, कुरूक्षेत्र
इस मंदिर का निर्माण हाल ही में 1952 में कराया गया था| स्वर्गीय जुगुल बिरला नाम के इंसान ने इस मंदिर को बनवाया था| इस मंदिर को काफी आकर्षित रूप दिया गया है| इसी स्थान पर भगवान श्री कृष्ण ने गीता का सार दिया था और अर्जुन को युद्ध के लिए प्रेरित किया था| मंदिर के परिसर में भगवान कृष्ण को सात घोड़ों वाले रथ के ऊपर सारथी के रूप में दिखाया गया है| इस भव्य मंदिर में कई संत, गुरुओं और अन्य देवी देवताओं की मूर्ति भी लगाई गयी है| साथ ही इनके द्वारा दी गयी शिक्षा और उप देशों को भी अंकित किया गया है| बिरला मंदिर को बनवाने के लिए संगमरमर का इस्तेमाल किया गया है| मंदिर के पिछले भाग में काफी हरियाली है|
About the Author: Vivek
Vivek is a dedicated journalist and reporter for दैनिक सबसे तेज़, committed to bringing you the most accurate and fastest news updates from ground zero.
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