किसानों की बल्ले-बल्ले, इन फसलों पर बढ़ी MSP

Modi Cabinet Decisions: MSP hiked for Rabi crops like wheat, mustard, and gram; ITMS approved for Delhi traffic and Green Energy Corridor phase 3.
नई दिल्ली में आयोजित केंद्रीय मंत्रिमंडल की एक अहम बैठक में देश के विकास, कृषि क्षेत्र को मजबूती देने और शहरी बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में कई ऐतिहासिक और दूरगामी निर्णय लिए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई इस कैबिनेट बैठक में मुख्य रूप से किसानों की आय बढ़ाने, देश की राजधानी में ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने और पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा को बढ़ावा देने के उपायों पर मुहर लगाई गई है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस को इन सभी फैसलों की विस्तृत जानकारी दी, जो आने वाले समय में देश की अर्थव्यवस्था और आम जनता के जीवन पर गहरा प्रभाव डालेंगे।
रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बंपर इजाफा
सरकार ने कृषि क्षेत्र को संबल प्रदान करते हुए फसल वर्ष 2027-28 के लिए रबी की सभी प्रमुख फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी करने का ऐलान किया है। इस फैसले से देश के करोड़ों अन्नदाताओं को उनकी मेहनत का बेहतर और लाभकारी मूल्य मिल सकेगा। सरकार द्वारा तय किए गए नए एमएसपी आंकड़ों के मुताबिक, गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाकर 2,610 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया गया है। वहीं, किसानों की पसंद बनने वाले चने का एमएसपी 5,928 रुपये प्रति क्विंटल और जौ का समर्थन मूल्य 2,286 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है।
इसके अलावा, दलहन और तिलहन फसलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मसूर का एमएसपी 7,390 रुपये, सरसों का 6,613 रुपये और कुसुम (सफ्लॉवर) का समर्थन मूल्य 7,215 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। यदि वृद्धि की बात करें तो इस बार सबसे ज्यादा फायदा कुसुम की खेती करने वाले किसानों को मिला है, जिसके दाम में सीधे तौर पर 675 रुपये प्रति क्विंटल की बंपर बढ़ोतरी की गई है। इसके साथ ही रेपसीड और सरसों के भाव में 413 रुपये, मसूर में 390 रुपये, जौ में 136 रुपये, चना में 83 रुपये और गेहूं के समर्थन मूल्य में 25 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है।
फसल विविधीकरण और किसानों को मिलने वाला मार्जिन
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि अखिल भारतीय औसत उत्पादन लागत के मुकाबले किसानों को मिलने वाला अनुमानित मार्जिन काफी संतोषजनक है। गेहूं के मामले में यह मार्जिन 106 फीसदी, रेपसीड और सरसों के लिए 96 फीसदी, मसूर के लिए 92 फीसदी, चना के लिए 59 फीसदी, जौ के लिए 58 फीसदी और कुसुम के लिए 50 फीसदी तक पहुंचता है। सरकार का मुख्य उद्देश्य इस मूल्य वृद्धि के जरिए पारंपरिक गेहूं-धान के दायरे से बाहर निकलकर फसल विविधीकरण (Crop Diversification) को प्रोत्साहित करना है, ताकि दालों और तिलहन के उत्पादन में देश को पूरी तरह से आत्मनिर्भर बनाया जा सके।
दिल्ली की ट्रैफिक व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव: आईटीएमएस
केंद्र सरकार ने सिर्फ किसानों का ही नहीं, बल्कि देश की राजधानी दिल्ली के आम नागरिकों की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक यानी ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाने के लिए भी एक बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली में यातायात को पूरी तरह से सुगम और स्मार्ट बनाने के वास्ते 'इंटेलीजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम' (ITMS) प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी गई है। वर्तमान स्थिति यह है कि शहर के लगभग 1,529 ट्रैफिक सिग्नल पुराने और मैनुअल तरीकों से संचालित होते हैं, जिसके कारण वाहनों का दबाव बढ़ने पर जाम की स्थिति बन जाती है।
इस नई तकनीक के आने के बाद ये सारे सिग्नल पूरी तरह स्वचालित हो जाएंगे और सड़क पर मौजूद गाड़ियों की वास्तविक संख्या व दबाव के आधार पर अपने समय (टाइमिंग) को स्वतः समायोजित (एडजस्ट) कर लेंगे। इस आधुनिक प्रोजेक्ट को कुल तीन अलग-अलग चरणों में चरणबद्ध तरीके से शहर के विभिन्न प्रमुख कॉरिडोर्स पर लागू किया जाएगा। इस पूरी परियोजना पर सरकार लगभग 1,790 करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश करेगी, जिससे दिल्ली के लाखों वाहन चालकों को ट्रैफिक की झंझटों से बड़ी राहत मिलने की पूरी उम्मीद है।
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ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर फेज-3 को मिली मंजूरी
पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण से निपटने की दिशा में एक और बड़ा निर्णय लेते हुए कैबिनेट ने 'ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर फेज III' योजना को भी अपनी हरी झंडी दे दी है। इस महत्वाकांक्षी योजना पर कुल 1.86 लाख करोड़ रुपये का खर्च आएगा। इसका मुख्य उद्देश्य बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम के साथ नवीकरणीय और हरित ऊर्जा (Renewable Energy) को देश के दूर-दराज के कोनों तक सुगमता से पहुंचाना है। कुल मिलाकर, मोदी कैबिनेट के ये सभी फैसले देश की कृषि अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ शहरी बुनियादी ढांचे और भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को साधने में मील का पत्थर साबित होंगे।
About the Author: Vivek
Vivek is a dedicated journalist and reporter for दैनिक सबसे तेज़, committed to bringing you the most accurate and fastest news updates from ground zero.
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