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Hanuman Ansh-'तेरे ही भरोसे हनुमान' गायक की आंखों का होगा इलाज

'मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान' भजन गाने वाले दृष्टिबाधित गायक सुनील लोधी की आंखों का होगा इलाज। फिल्म प्रोड्यूसर और एमपी सरकार ने बढ़ाई मदद

'मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान' भजन गाने वाले दृष्टिबाधित गायक सुनील लोधी की आंखों का होगा इलाज। फिल्म प्रोड्यूसर और एमपी सरकार ने बढ़ाई मदद

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Vivek29 सितंबर 2026, (अपडेटेड 09:18 am)

इन दिनों हर किसी की जुबान पर 'हनुमान अंश'(Hanuman Ansh) फिल्म का भजन 'मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान' है. फिल्म को थिएटर में आए काफी समय हो चुका है लेकिन अभी तक लोगों पर इस फिल्म का जादू लोगों पर छाया हुआ है. फिल्म भले ही कम बजट में बनी थी लेकिन दर्शकों ने इसे खूब प्यार दिया है ना तो इस फिल्म के प्रचार पर कोई ज्यादा ध्यान दिया गया था और ना ही इस फिल्म में कोई प्रसिद्ध कलाकार ने अपनी भूमिका अदा की थी. लेकिन बावजूद इसके आज ये फिल्म तरक्की कर रही है. फिल्म की अदाकारी के साथ ही फिल्म के भजन भी इस समय लोगों की पहली पसंद बने हुए हैं. ऐसे में मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान भजन काफी प्रसिद्धी हासिल कर चुका है और इसी भजन से प्रसिद्ध हुए हैं सुनील लोधी. जो भले ही अभी देख नहीं सकते लेकिन उनके टेलेंट ने करोड़ों दिलों पर राज किया है. ऐसे में अब खुशी की बात ये है कि गायक सुनील लोधी की आंखों का इलाज होगा और कोशिश की जाएगी की वो देख सकें. इसके लिए फिल्म प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर ने सुनील के इलाज में मदद करने की पहल की है। इसके साथ ही मध्य प्रदेश सरकार ने भी सुनील की मदद करने का फैसला किया है

नवंबर में इलाज होने की उम्मीद

फिल्म प्रोड्यूसर अनुप्रिया का सुनील के इलाज को लेकर कहना है कि मुंबई आने पर ही उनकी आंखों का इलाज किसी विशेषज्ञ से करवाया जाएगा. हालांकि अभी तक ये साफ नहीं हो पाया है कि उनका इलाज कब और किस अस्पताल में करवाया जाएगा. लेकिन उम्मीद है कि नवंबर महीने में सुनील लोधी की आंखों का इलाज हो सकता है.

सुनील लोधी बचपन से ही दृष्टिबाधित हैं

Sunil Lodhi bhajan singer
Sunil Lodhi bhajan singer
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सुनील लोधी बचपन से ही देख नहीं सकते हैं. अनुप्रिया ने बताया कि सुनील पिछली बार मुंबई आए थे लेकिन किसी कारणों से उनकी आंखों की जांच नहीं हो सकी थी. लेकिन अब उम्मीद है कि वो जल्द ही देख सकेंगे. अनुप्रिया का कहना है कि मैं चाहती हूं की सुनील केवल प्यार को महसूस ना करें बल्कि उसे देख भी सकें.

अनुप्रिया का सुनील के बारे में कहना है कि आज के समय में जहां एक ओर लोग सबकुछ होने के बाद भी भगवान से शिकायत करते हैं ऐसे मेंं सुनील लोधी का हौसला लोगों को प्रेरणा देने का काम करता है. उन्होंने बताया कि मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद सुनील अपनी सफलता और जीवन में मिले प्यार का श्रेय हनुमान जी को देते हैं।

बहन होने के नाते मैं सुनील की मदद करूंंगी- अनुप्रिया

अनुप्रिया का कहना है कि वो केवल सुनील को कलाकार के तौर पर नहीं देखती हैं बल्कि सुनील को अपना भाई मानती हैं और बहन के नाते मैं उनकी मदद करना चाहती हूं क्योंकि सुनील को महसूस भले ही करते हो लेकिन वो अगर देखेंगे भी तो उन्हें बहुत अच्छा लगेगा.

'मध्य प्रदेश सरकार ने भी बढ़ाया मदद के लिए हाथ'

अनुप्रिया ने बताया कि मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार की ओर से भी सुनील की मदद की बात कही गई है. ऐसे में उन्हें इस बात की काफी खुशी है. अनुप्रिया ने इस बारे में कहा कि अस्पताल का फैसला फिलहाल नहीं हुआ है और इस संबंध में अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी। पहले सुनील की विशेषज्ञ से जांच होगी और उसके बाद डॉक्टरों की सलाह के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।

सुनील लोधी और उनकी सफलता की प्रेरणादायक यात्रा

सुनील लोधी की यह कहानी केवल एक गायक के इलाज की नहीं है, बल्कि यह उन तमाम लोगों के लिए एक मिसाल है जो विपरीत परिस्थितियों के आगे घुटने टेक देते हैं। दृष्टिबाधित होने के बावजूद सुनील ने कभी अपनी कमजोरी को अपने सपनों के आड़े नहीं आने दिया। उन्होंने अपनी आवाज और संगीत के जरिए वह मुकाम हासिल किया है, जिसे पाने के लिए लोग सालों-साल मेहनत करते हैं। 'मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान' भजन की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि यदि कला में सच्चाई और भाव हो, तो उसे किसी बड़े बजट या महंगे प्रचार की जरूरत नहीं होती, जनता उसे खुद-ब-खुद सिर आंखों पर बिठा लेती है।

फिल्म 'हनुमान अंश' से अचानक मिली इस शोहरत के बाद सुनील लोधी आज देश के कोने-कोने में अपनी पहचान बना चुके हैं। सोशल मीडिया से लेकर हर धार्मिक और सांस्कृतिक मंच पर उनकी सुरीली आवाज की चर्चा हो रही है। लोग उनकी सादगी और उनके संघर्ष भरे जीवन की सराहना कर रहे हैं। ऐसे समय में जब उनकी आंखों के इलाज की खबर सामने आई है, तो उनके चाहने वाले और भी अधिक उत्साहित हो गए हैं। हर कोई यही प्रार्थना कर रहा है कि भगवान उनकी जिंदगी में भी रोशनी भर दें, ताकि वे इस खूबसूरत दुनिया को अपनी आंखों से देख सकें।

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फिल्म निर्माता अनुप्रिया नागर और मध्य प्रदेश सरकार का यह कदम सराहनीय है, जो यह दिखाता है कि जब कला और इंसानियत एक साथ मिलती हैं, तो समाज में सकारात्मक बदलाव लाए जा सकते हैं। सुनील लोधी का यह सफर इस बात का प्रमाण है कि हौसला और सच्ची लगन हो, तो अंधेरे रास्तों पर भी उम्मीद का एक नया सूरज जरूर उगता है। उम्मीद है कि नवंबर में होने वाली जांच और चिकित्सा प्रक्रिया सफल साबित होगी और सुनील जल्द ही इस दुनिया के रंगों को अपनी आंखों से निहार सकेंगे


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Vivek is a dedicated journalist and reporter for दैनिक सबसे तेज़, committed to bringing you the most accurate and fastest news updates from ground zero.

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