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गिरगिट की तरह रंग बदलने वालों से सावधान- सीएम योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा मिशन रोजगार के तहत ग्राम पंचायत अधिकारियों को नियुक्ति पत्र बांटने के कार्यक्रम की तस्वीर।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा मिशन रोजगार के तहत ग्राम पंचायत अधिकारियों को नियुक्ति पत्र बांटने के कार्यक्रम की तस्वीर।

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Vivekनई दिल्ली, 28 सितंबर 2026, (अपडेटेड 08:05 am)

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी का दौर तेज हो गया है। राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में आयोजित एक भव्य नियुक्ति पत्र वितरण समारोह के दौरान विपक्षी दलों, खासकर समाजवादी पार्टी (SP) पर तीखा हमला बोला है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जो लोग अतीत में युवाओं के अधिकारों पर डाका डालते थे, दलितों को सरकारी योजनाओं से वंचित रखते थे और पिछड़ों का हक मारते थे, वे आज नए-नए स्लोगन के साथ गिरगिट की तरह अपने रंग बदल रहे हैं। सीएम योगी का यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

यह पूरा संबोधन 'मिशन रोजगार' के अंतर्गत उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा चयनित 1,375 ग्राम पंचायत अधिकारियों को नियुक्ति पत्र बांटने के अवसर पर दिया गया था। इस कार्यक्रम में नवनियुक्त अधिकारियों और उनके परिजनों ने भी बड़ी संख्या में शिरकत की।

पारदर्शिता और निष्पक्षता से मिला युवाओं को हक

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व की सरकारों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने याद दिलाया कि साल 2017 से पहले जब भी सरकारी नौकरी का कोई विज्ञापन निकलता था, तो युवाओं के मन में तमाम तरह की आशंकाएं और भ्रष्टाचार का डर बैठ जाता था। गरीब परिवार या बिना राजनीतिक पहुंच वाले योग्य युवाओं के हाथ हमेशा निराशा लगती थी।

मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ कहा कि उनकी सरकार ने इस भाई-भतीजावाद और बेईमानी की जकड़न को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। आज सरकारी चयन प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरी की जा रही है। इसका परिणाम यह है कि बीते कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश के साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को पूरी पारदर्शिता के साथ सरकारी नौकरियां मिल चुकी हैं।

इसके साथ ही, उन्होंने यह भी बताया कि कभी देश के पांच सबसे पिछड़े राज्यों में गिने जाने वाला उत्तर प्रदेश आज देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में मजबूती से शामिल हो चुका है। राज्य की प्रति व्यक्ति आय, कुल बजट और अर्थव्यवस्था का दायरा पिछले कुछ वर्षों में तीन गुना तक बढ़ गया है

Cm Yogi On Sp

Cm Yogi On Sp

"सपा के लिए विकास का मतलब केवल सैफई था"

समाजवादी पार्टी पर सीधा कटाक्ष करते हुए सीएम योगी ने आरोप लगाया कि पिछली सपा सरकार के कार्यकाल में विकास का दायरा केवल एक विशेष जिले यानी सैफई तक ही सीमित था। प्रदेश के बाकी जिलों और गांवों की जनता को उसकी हाल पर छोड़ दिया गया था। केंद्र सरकार की तरफ से गरीबों के लिए आने वाली आवास और शौचालय जैसी योजनाओं को भी धरातल पर उतरने से रोका जाता था। यदि गरीबों के आवास की बात आती थी, तो तत्कालीन सरकार सिर्फ अपने ही राजनीतिक कैडर और चहेतों को फायदा पहुंचाना चाहती थी।

माफिया राज का अंत और कानून का राज

मुख्यमंत्री ने पुरानी सरकारों के दौर को याद करते हुए कहा कि 2017 से पहले प्रदेश के हर जिले में माफियाओं की समानांतर सरकार चलती थी। सड़कों पर असलहे लहराते हुए गाड़ियों के काफिले निकलते थे और हर छोटे-बड़े पर्व-त्योहार से पहले प्रदेश में उपद्रव व दंगे शुरू हो जाते थे।

वर्तमान सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए माफिया तंत्र और अराजकता पर प्रभावी अंकुश लगाया है। आज उत्तर प्रदेश हर तरह के उपद्रव, दंगे और माफियाराज से पूरी तरह मुक्त हो चुका है और तेजी से विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है।

अगले 6 महीने में 1 लाख नई नौकरियों का लक्ष्य

विपक्ष के बयानों पर पलटवार करते हुए सीएम योगी ने कहा कि समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष यह दावा कर रहे थे कि नियुक्तियां नहीं हो रही हैं, जबकि सच्चाई यह है कि सितंबर महीने में ही यह चौथा नियुक्ति पत्र वितरण समारोह आयोजित किया जा रहा है।

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उन्होंने ऐलान किया कि अक्टूबर के पहले हफ्ते से एक बार फिर नियुक्ति पत्र बांटने का सिलसिला शुरू होगा। सरकार का लक्ष्य अगले छह महीनों के भीतर राज्य के एक लाख और युवाओं को सरकारी सेवा से जोड़ने का है। इस दौरान उन्होंने महान क्रांतिकारी सरदार भगत सिंह की जयंती का स्मरण करते हुए युवाओं को प्रेरित किया कि जिस तरह भगत सिंह ने कम उम्र में देश के लिए बलिदान दिया, उसी प्रकार 20 से 27 वर्ष की आयु के इन युवाओं को अपनी ऊर्जा और प्रतिभा प्रदेश की तरक्की में लगानी चाहिए।

गांवों की बदलती तस्वीर: ग्राम सचिवालय और डिजिटल लाइब्रेरी

ग्रामीण विकास पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब गांवों की तस्वीर बदल रही है। पारंपरिक पंचायत भवन की जगह अब आधुनिक ग्राम सचिवालय बनाए जा रहे हैं। इन सचिवालयों में ग्राम प्रधान और पंचायत अधिकारी के साथ-साथ लेखपाल, बीसी सखी और पंचायत सहायक के बैठने की भी पुख्ता व्यवस्था की गई है।

इन परिसरों में डिजिटल लाइब्रेरी और कॉन्फ्रेंस रूम जैसी आधुनिक सुविधाएं भी स्थापित की जा रही हैं, जिससे ग्रामीण इलाकों के युवाओं को लाभ मिल सके। अब जन्म, आय और निवास प्रमाण पत्र जैसे जरूरी दस्तावेजों के लिए ग्रामीणों को ब्लॉक या तहसील के चक्कर काटने की मजबूरी से मुक्ति मिल गई है। इसके अलावा, बीसी सखी, अन्नपूर्णा भवन और उत्सव भवन जैसी पहलों से गांवों में रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं।

आत्मनिर्भर और मॉडल पंचायत का विजन

मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त ग्राम पंचायत अधिकारियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपनी जमीनों, दुकानों और तालाबों के बेहतर प्रबंधन के जरिए पंचायतों की आय खुद बढ़ा सकते हैं। उदाहरण के तौर पर, जिन तालाबों का धार्मिक महत्व नहीं है, उनमें मत्स्य पालन (फिश फार्मिंग) को बढ़ावा दिया जा सकता है।

उन्होंने घोषणा की कि ग्राम पंचायत जितनी अधिक आय खुद अर्जित करेगी, राज्य सरकार की ओर से विकास कार्यों के लिए उतनी ही अतिरिक्त धनराशि और दी जाएगी। अपने संबोधन के अंत में सीएम योगी ने कहा कि "विकसित भारत" का सपना तभी साकार हो सकता है, जब हमारा उत्तर प्रदेश और हमारे गांव आत्मनिर्भर व विकसित बनेंगे। इस पूरे अभियान में नवनियुक्त ग्राम पंचायत अधिकारी सबसे महत्वपूर्ण और मजबूत सारथी की भूमिका निभाएंगे।



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