हरमनप्रीत कौर ने छोड़ा 'कप्तानी' का 'ताज', भावुक होकर बताई ये वजह

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर के सभी फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ने के ऐलान से जुड़ी तस्वीर।
खेल प्रमियो को उस समय झटका लगा. उन्हें पता लगा कि भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने सभी फॉर्मेट की कप्तानी को अलविदा कहा है. इस खबर को सुनने के साथ ही सभी हैरान हो गए. हरमनप्रीत कौर ने इसके पीछे की वजह बताते हुए सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी लिखा है. जिसमें वो काफी भावुक नजर आई है. हरमनप्रीत कौर ने अपने इस फैसले को लेकर कहा कि ये फैसला आसान नहीं था, क्योंकि इस सफर में कई सालों की यादें और ऐसे पल जुड़े हैं, जो उनको जिंदगी भर याद रहेंगे.
टीम हित के लिए व्यक्तिगत प्राथमिकताओं का त्याग
अपने इस विदाई संदेश में हरमनप्रीत ने खुलकर साझा किया कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान भारतीय महिला क्रिकेट को अपना शत-प्रतिशत दिया है. मैदान पर बहाए गए पसीने से लेकर व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं तक, उन्होंने कई मौकों पर अपने निजी लक्ष्यों को दरकिनार किया. उनके अनुसार, एक कप्तान के तौर पर उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता हमेशा 'टीम हित' रही है. कई बार उन्हें अपनी फॉर्म या निजी आकांक्षाओं को पीछे छोड़ना पड़ा, ताकि टीम की जरूरतों को सबसे पहले पूरा किया जा सके.
नेतृत्व करने की अपनी इस लंबी यात्रा के दौरान हरमनप्रीत को कई कठिन और चुनौतीपूर्ण निर्णय लेने पड़े. कुछ ऐसे फैसले भी थे जिन्हें हर कोई आसानी से नहीं समझ सका और जिसके चलते उन्हें व्यक्तिगत स्तर पर आलोचनाओं का सामना भी करना पड़ा. हालांकि, इन सबका एकमात्र उद्देश्य टीम को मजबूत करना और युवा खिलाड़ियों में आत्मविश्वास भरना था. उन्होंने सबसे बुरे दौर, दिल तोड़ने वाली पराजयों और विपरीत परिस्थितियों का डटकर सामना किया, लेकिन कभी भी टीम का मनोबल गिरने नहीं दिया.
संतोष का भाव और भविष्य के प्रति विश्वास
कप्तानी की जिम्मेदारी से मुक्त होते समय हरमनप्रीत के मन में एक गहरा सुकून और संतुष्टि का भाव था. उन्होंने विश्वास जताया कि वर्तमान समय में भारतीय महिला टीम बहुत मजबूत स्थिति में है, जिसमें प्रतिभा की कोई कमी नहीं है. उन्होंने अपने कर्तव्यों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करने की बात कही और देश की कमान संभालने का अवसर देने के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI), अपने साथियों, सहयोगी स्टाफ और प्रशंसकों का हृदय से आभार व्यक्त किया.
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बतौर खिलाड़ी मैदान पर जारी रहेगा सफर
कप्तानी का यह अध्याय भले ही समाप्त हो गया हो, लेकिन इसका यह अर्थ नहीं है कि हरमनप्रीत का क्रिकेट करियर खत्म हो गया है। अब वह बिना किसी अतिरिक्त मानसिक दबाव के केवल अपने खेल और बल्लेबाजी पर पूरा ध्यान केंद्रित कर पाएंगी. उन्होंने अपने संदेश के अंत में कहा कि खेल के प्रति उनका प्यार हमेशा अमर रहेगा और वह आगे भी पूरी ऊर्जा के साथ देश के लिए मैदान पर रन बनाने के लिए उतरती रहेंगी.
About the Author: Vivek
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