जो महिला सवाल पूछे, उसे चुप करा दो- राहुल गांधी का वार

Rahul Gandhi attacks Amit Shah and Delhi Police over alleged police misconduct with women protesters and journalists at Jantar Mantar and Saket.
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी इन दिनों बीजेपी को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं. अलग-अलग मुद्दों को लेकर वे सरकार पर हमलावर दिखाई दे रहे हैं. कभी अपने बयानों के जरिए तो कभी अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर पोस्ट के जरिए राहुल गांधी सरकार की मंशा पर सवाल उठा रहे हैं, ऐसे में दिल्ली में प्रदर्शनकारियों और महिलाओं के साथ कथित पुलिस की कार्रवाई को लेकर उन्होंने दिल्ली पुलिस और गृह मंत्री अमित शाह पर बड़ा जुबानी हमला बोला है साथ ही कई गंभीर आरोप भी लगाए हैं.
राहुल गांधी ने आरोप लगाते हुए कहा कि दिल्ली में इस समय एक ही पैटर्न दिखाई दे रहा है कि जो भी महिला सवाल पूछती है, उसे चुप कराने का प्रयास किया जाता है. उन्होंने सरकार पर तानाशाही रवैया अपनाने और लोकतंत्र की आवाज को दबाने के भी गंभीर आरोप लगाए हैं.
जंतर-मंतर की घटना और महिला पत्रकारों से बदसलूकी के आरोप
हाल ही में जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन और वहां की गई पुलिस कार्रवाई का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने बताया कि उस दौरान सैकड़ों की संख्या में शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया था. उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रदर्शन में शामिल महिला प्रदर्शनकारियों ने पुरुष पुलिसकर्मियों द्वारा उनके साथ बदसलूकी किए जाने के बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं.
यही नहीं, इस पूरे घटनाक्रम के दौरान कवरेज करने गईं महिला पत्रकारों के कैमरे छीने जाने और उन्हें पुलिस द्वारा घसीटे जाने जैसी शर्मनाक घटनाएं भी सामने आई हैं. राहुल गांधी ने नाराजगी जताते हुए यह भी कहा कि एक पीड़ित महिला पत्रकार द्वारा लिखित शिकायत दिए जाने के बावजूद पुलिस ने संबंधित मामले में एफआईआर (FIR) तक दर्ज करने की जहमत नहीं उठाई, जो कानून व्यवस्था की पोल खोलती है
साकेत थाने का विवाद और महिला सुरक्षा पर बड़े सवाल
राहुल गांधी ने अपने बयान में दिल्ली के Saket Police Station से जुड़े एक अन्य मामले का भी प्रमुखता से जिक्र किया. उन्होंने बेहद गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस थाने के अंदर महिलाएं अपनी सुरक्षा और न्याय की गुहार लगाने जाती हैं, अगर उसी थाने के भीतर उनके साथ इस तरह का अवांछित व्यवहार और उत्पीड़न के आरोप लगने लगें, तो यह स्थिति देश की राजधानी के लिए बेहद चिंताजनक और गंभीर है.
उन्होंने सीधे तौर पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन पुलिसकर्मियों और प्रशासनिक तंत्र पर देश की आधी आबादी यानी महिलाओं की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी है, वे ही आज महिलाओं के लिए असुरक्षा का कारण बनते जा रहे हैं.
गृह मंत्री अमित शाह से सीधा सवाल और सीसीटीवी फुटेज की मांग
चूंकि दिल्ली पुलिस सीधे तौर पर केंद्र सरकार के केंद्रीय गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) के प्रशासनिक नियंत्रण के अधीन आती है, इसलिए राहुल गांधी ने सीधे तौर पर गृह मंत्री अमित शाह को कटघरे में खड़ा किया. इस पूरे प्रकरण की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए कांग्रेस नेता ने पुरजोर मांग की कि साकेत थाने का पूरा CCTV Footage तुरंत सार्वजनिक किया जाए ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके. उन्होंने मांग की कि जो भी पुलिसकर्मी इस पूरी घटना में दोषी पाए जाएं, उनके खिलाफ बिना किसी देरी के सख्त से सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए.
ये भी पढ़ें- ज्ञानेश कुमार को सस्पेंड करने से सुप्रीम कोर्ट ने किया मना, कही ये बड़ी बात
अपनी बात के अंत में राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह से सीधा और तीखा सवाल पूछते हुए कहा, "अमित शाह जी- आप और आपकी पुलिस महिलाओं से आखिर क्यों डरती है?" यह पूरा बयान देश की राजधानी में महिला सुरक्षा और पुलिस प्रशासन की जवाबदेही को लेकर एक बड़ी राजनीतिक बहस छेड़ चुका है.
About the Author: Vivek
Vivek is a dedicated journalist and reporter for दैनिक सबसे तेज़, committed to bringing you the most accurate and fastest news updates from ground zero.
Comments (0)
No comments yet. Be the first to comment!