रूस से तेल खरीदने पर भारत पर खतरा, US 100% टैरिफ लगाएगा !

रूस से कच्चा तेल खरीदने पर अमेरिका लगा सकता है 100% टैरिफ, अमेरिकी संसद में बिल में संशोधन पेश, भारत पर असर की आशंका।
अमेरिका में अब रूस पर लगने वाले नए प्रतिबंधो को लेकर हवा तेज हो गई है. इसको लेकर अलग-अलग कयास लगाए जा रहे हैं. ऐसे में अब अमेरिकी सांसदों ने रूस प्रतिबंध बिल में की संशोधन पेश किए हैं. जिसका सीधा असर भारत पर भी पड़ सकता है. जो संशोधनों के मुताबिक भारत सहित रूस के बड़े व्यापारिक साझेदार देशों के नाम सीधे बिल में जोड़ने की अपील की गई है. इसके साथ ही दूसरे संशोधन में टैरिफ लगाने वाले पूरे प्रावधान को ही बिल से हटाने की बात सामने आई है. अब ये पूरा मामला अमेरिकी संसद के निचले सदन यानी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स (House of Representatives) में पहुंच गया है.
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि लिंडसे ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट (Lindsey Graham Sanctioning Russia and Iran Act) पिछले महीने ही अमेरिकी सीनेट में भारी बहुमत के साथ पास हो गया है. बताया जा रहा है कि इस बिल का मकसद रूस के नेतृत्व और उसके ऊर्जा क्षेत्र पर सख्त प्रतिबंध लगाने का है.
वहीं अब उन जहाजों के बेड़े (Tanker
Fleets) पर भी पैनी नजर रखी जाएगी जो रूस को तेल बेचने
में मदद कर रहे हैं और प्रतिबंधों से बचने का रास्ता निकाल रहे हैं. अमेकिता का
मानना है कि रूस अपने कच्चे तेल के व्यापास से मिलने वाले पैसे का उपयोग यूक्रेन
के खिलाफ जंग में कर रहा है. हालांकि, इसको लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने
नहीं आया है.
वहीं जो बिल पास हुआ है उसमें अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अधिकारी देने की बात भी सामने आई है कि रूस से जो भी तेल खरीद रहे हैं उन सभी देशों पर 100 प्रतिशित तक टैरिफ लगा सकें. हालांकि, अभी तक 7 अगस्त को सीनेट से पास हुए बिल में सीधे मायनों में किसी एक देश का नाम रेखांकित नहीं किया गया था. सिर्फ इतना कहा गया था कि जो 5 देश भारी मात्रा में तेल और गैस खरीदते हैं उनपर ये नियम लागू किए जाएंगे.
वहीं अब डेमोक्रेटिक सांसद स्टेनी हॉयर ने मांग की है कि चीन, भारत, तुर्की, अजरबैजान और किर्गिज रिपब्लिक जैसे देशों के नाम बिल में शामिल हों. वहीं दूसरी तरफ डेमोक्रेटिक सांसद ग्रेगरी मीक्स, जो ट्रंप को ज्यादा टैरिफ अधिकार देने के खिलाफ रहे हैं, उन्होंने राष्ट्रपति को सेकेंडरी टैरिफ लगाने की शक्ति देने वाले पूरे सेक्शन 113 को ही हटाने का प्रस्ताव रखा है और इस प्रस्ताव के पक्ष में तीन अन्य़ सांसद भी आए हैं.
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भारत पर इसका असर क्यों पड़ सकता है ?
अब आपको इस मामले में भारत पर क्या असर पड़ता है इसको लेकर जानकारी देते हैं. दरअसल, पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के बावजूद भारत ने अपनी जरूरतों के हिसार से रूस से कच्चा तेल खरीदना जारी रखा हुआ है. क्योंकि ऊर्जा सुरक्षा के लिए भारत का ये रुख बेहद ही अहम माना गया है. हालांकि, अब अमेरिकी संसद में जो बिल पेश हुए हैं उससे भारत और अमेरिका के रिश्तों पर इसका सीधा असर पड़ सकता है. इसके साथ ही अगर बिल पास हो जाता है तो भारतीय अर्थव्यवस्था औऱ तेल के आयात पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है. इन सबके बीच अहम बात ये ही कि आम जनता को आने वाले समय में महंगाई की ओर मार झेलनी पड़ सकता है. जो परिस्थितियां बनेंगी वो तो आने वाले समय में सामने आएंगी. लेकिन अभी के लिए अमेरिकी संसद में जो चर्चा हुई है उससे चिंता का माहौल बनना स्वाभाविक है और इसको लेकर सभी देशों की नजर है.
About the Author: Vivek
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